| at 5:53 AM
आपके जानिसार हो जायें
आदमी में शुमार हो जाएँ
लोग उठा के लगायें आँखों से
इस कदर खाकसार हो जाएँ
अपना किरदार क्या तमाशा है
अब से सोगवार हो जाएँ
राहेजन हो चले हैं मुखालिश
राह -रवौ होशियार हो जाएँ
इश्क का एक मुकाम ये भी है
हुस्न के राजदान हो जाएँ
कह सके न गर जबान तो
आँखें ही अस्कबार हो जायें
क्या थे, क्या हो गए आप
सोच लें तो शर्मसार हो जायें!
| at 4:36 AM
| at 4:23 AM
तुम्हे समझने की हम हर घरी कोशिस करते हैं
न जाने क्यों तुमसे अपना हाले दिल कहने से डरते हैं
हर एक पल तेरा रुखसार देखने तो तरसता है "रूमी"
तुझे कितना प्यार करते हैं ये हम नही जानते हैं!
| at 4:16 AM
| at 6:20 AM
जान लेना नही हमने जान देना सीखा है
अब तक तो सीर्फ दूसरो के लीये जीना सीखा है
मोहब्बत के दरबार में बैठ कर रूमी ने
फ़क़त नीमबाज आंखों से पीना सीखा है
| at 6:09 AM
तू समां हुई और मैं परवाना हुआ
खुदा के बाद नाम तेरा ही लेता है रूमी
तेरे इश्क मैं इस कदर दीवाना हुआ
